25 दिसंबर 2009

मंहगाई हमारा भी मुद्दा है!




मंहगाई के खिलाफ साझा अभियान



मंहगाई के खिलाफ रैली और धरना आज



नगर के सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों तथा विभिन्न ट्रेड यूनियनों के ‘‘मंहगाई के खिलाफ संयुक्त मोर्चे‘‘ द्वारा पिछले एक सप्ताह से चलाये जा रहे अभियान के अंतिम दिन आज पुराने हाईकोर्ट से बाडे तक एक विरोध रैली निकाली जायेगी। बाडे पर मंहगाई के खिलाफ पैम्फलेट वितरण एवं आम सभा का अयोजन भी किया जायेगा। इसके पहले एक सप्ताह तक चले अभियान में विभिन्न चैराहों, बैंकों, कालेजों तथा मोह्ल्लों में इन संगठनों ने जनजागरण अभियान चलाया। इस रैली में युवा संवाद, इण्डियन लायर्स एसोशियेशन, प्रलेस, एटक, गुक्टु, जलेस, नगर निगम यूनियन, संवाद,इण्डियन डेन्टल एसोशियेशन, जन संघर्ष मोर्चा सहित तमाम जनसंगठनों की भागीदारी होगी।


मोर्चे के गुरुदत्त शर्मा तथा अभय राज सिंह भदोरिया ने इस अवसर पर शहर के तमाम बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ट्रेडयूनियन कर्मियों तथा आमजनों से व्यापक भागीदारी की अपील की है।



भवदीय
(अशोक कुमार पाण्डेय)


संयोजक, संयुक्त मोर्चा


-------------------------------------------------------------------------------------------------


निवेदक


युवा संवाद, जलेस, प्रलेस, इप्टा, संवाद, गुक्टु, एटक, सीटू, स्त्री अधिकार संगठन, नगर निगम यूनियन, बीमा कर्मचारी यूनियन, इण्डियन लायर्स एसोसियेशन, आल इण्डिया बैंक इंप्लाईज एसोसियेशन, नागरिक मोर्चा, जूटा, एम पी एम आर यू, बीएसएनएल यूनियन, आई डी ए

4 टिप्‍पणियां:

रंगनाथ सिंह ने कहा…

जनहित के किसी मुद्दे को लेकर ऐसा अभूतपूर्व संगठन हर लिहाज से प्रशंसनीय है। अशोक जी आपको इस मोर्चे के लिए साधुवाद। उम्मीद है यह मोर्चा अपनी लड़ाई में कामयाब होगा।

vijay gaur/विजय गौड़ ने कहा…

ग्वालियर ही नहीं देश भर में उठना चाहिए ये मुद्दा तो। पिछले दिनों इसी सवाल पर मदन केशरी जी की कविताओं को याद करना और उन्हें ब्लाग पर प्रस्तुत करने का मन हुआ था। लिंक यहां भी छोड़ रहा हूं-
http://likhoyahanvahan.blogspot.com/2009/11/blog-post_5411.html

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

महंगाई तो मौजूदा व्यवस्था का उत्पाद है,मोर्चा तो व्यवस्था के खिलाफ ही लगाना पड़ेगा। सामुहिक प्रयास सफल हों यही कामना है।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

NICE.