16 दिसंबर 2009

प्यार एक भयावह मानसिक रोग है..




(पिछले दिनों यूं ही एक और काम कर डाला --- प्रेम पर कोई ढाई-तीन सौ कोटेशन्स का अनुवाद। और अब ये एक साथ किताब के रूप में आ रहे हैं। कवर पेज़ यहां लगा रहा हूं और कुछ मज़ेदार कोटेशन भी । ऊपर शीर्षक के रूप में दिया गया कोट प्लेटो का है )

प्रेम दीवानावार चाहे जाने की दीवानावार चाहत है -- मार्क ट्वेन

प्यार में पडने का मतलब केवल इतना है - कल्पनाओं को ख़ुला छोड देना और विवेक को क़ैद कर लेना -- हेलन रोलैण्ड

अगर हम प्रेम के सुख की तलाश में हैं तो दीवानगी कभी-कभी होनी चाहिये और विवेक सतत -- राबर्ट्सन डेविस

महान दीवानगियां नहीं होतीं मेरी जान,वे बस झूठी कल्पनायें होती हैं। जो होते हैं वे हैं सामान्य प्रेम जो थोडे दिन चलते हैं या फिर ज़्यादा दिन -- आग्ना मैग्नानी

मै जीना नहीं चाहता- मै पहले प्यार करना चाहता हूं फिर जीना -- ज़ेल्डा फ़िट्ज़गेराल्ड

कोई पुरुष जो एक आकर्षक स्त्री को चूमते हुए गाडी चला सकता है उसके बारे में इसी एक वज़ह से कहा जा सकता है कि वह चुम्बन को यथेष्ट महत्व नहीं दे रहा -- आंईस्टीन

20 टिप्‍पणियां:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

आइंस्टीन यहाँ भी पसंद आए।

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति बधाई

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

प्यार दा जवाब नईं

महफूज़ अली ने कहा…

मैं बहुत बार इस मानसिक रोग से ग्रस्त हो चुका हूँ.... बहुत भयावह ..... रोग है....

Dipti ने कहा…

मेरे मुताबिक़ तो उस हरेक इंसान का जो प्यार करता है एक अलग सूक्ति वाक्य होता है।

शिरीष कुमार मौर्य ने कहा…

इस किताब के लिए आपको बधाई अशोक.
कुछ सार्थक कार्य इस तरह भी हो जाते हैं. संवाद से आलोक भाई ने भी आपकी पोस्ट का लिंक भेजा है.

anupam mishra ने कहा…

प्रेम महज़ एक रोग है इस रोग की कोई दवा नहीं , जब तक दवा मिलती है, तब तक मानसिक संतुलन जवाब दे चुका होता है। इसलिए इश्क के पचड़े में फंसने से बचा जाए तो अच्छा है

शरद कोकास ने कहा…

किताब के लिये बधाई ..लेकिन इसमे मेरा कोटेशन कहाँ है ?

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

एक आग का दरिया है और ...!!!!!!!

navodita ने कहा…

Translating the expressions of differnt personalities on LOVE the most pious but at the same time most misunderstood and misinterpreted emotion of human is really a commendable job. Humble congratulations

Arvind Mishra ने कहा…

एक बहुत अच्छा कार्य !

अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा…

शुक्रिया दोस्तों

neera ने कहा…

the idea, the thought, the passion, the expression, translation, creation, cover, the ultimate product is an absolute bliss!

congratulation!

Suman ने कहा…

nice

रंगनाथ सिंह ने कहा…

ये भी खूब रही...

बेनामी ने कहा…

I want to ask myself :

Is love beyond me?
Jab aap nahin hote toh bhi kya prem hota hai?
Kya Prem tab bhi tha, jab na ham aur aap the, na hi saans lene waala maans ka koi lothda?

Is Love Universal & Cosmic?

Kya hame rach kar Kaynaat apne adhoore ya naye sapne poore karti hai?
Kya prem ham me viksit hokar chirantan aur sanatan Ishwar ko naye aayaam deta hai?
"Ham hain, toh khuda bhi hai."

Ye hi kya nahin hai Prem?

Goonge ka gud?

Saprem, Snowa Borno

varsha ने कहा…

aapko bahut badhayee....achche quotes achche hain ek mera bhi

All love that has not friendship for its base, is like a mansion built upon sand.

अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा…

क्या सचमुच स्नोवा बार्नो ने आकर मेरे ब्लाग पर टिप्पणी दी है? भाषा और कन्टेन्ट तो उनके जैसे ही हैं!

अगर सचमुच तो प्लीज़ मुझे मेल कीजिये--- ashokk34@gmail.com

चंदन कुमार मिश्र ने कहा…

http://main-samay-hoon.blogspot.com/search/label/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AE

अपर्णा मनोज ने कहा…

प्रेम पर पूरी किताब !!... बढ़िया . बधाई !