07 अक्तूबर 2008

कहानी का महाकुम्भ ग्वालियर में

इस बार हिन्दी कहानी का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन "संगमन" ग्वालियर में आयोजित किया जा रहा है.२ अक्टूबर १९९३ से नियमित आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम की यह चौदहवीं कड़ी है.१९९७ तक कानपूर में आयोजित होने के बाद पिछले ११ सालों में इसने देश के तमाम छोटे बड़े शहरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
इस बार संगमन का पहला सत्र 'स्वतंत्र भारत का यथार्थ और मेरी प्रिय किताब ' पर है तो दूसरा '' बदलता यथार्थ और बदलती अभिव्यक्ति' पर । तीसरे सत्र में युवा कथाकार अरुण कुमार असफल तथा उमाशंकर चौधरी अपनी कहानियाँ पढेंगे।
आयोजन में कमला प्रसाद, गिरिराज किशोर, मंजूर एहतेशाम, विष्णु नागर, पुन्नी सिंह, ओमाँ शर्मा, मधु कांकरिया, लीला धर मंडलोई, गोविन्द मिश्रा, पंकज बिष्ट, प्रकाश दीक्षित, मनीषा कुल्श्रेस्थ, जीतेन्द्र बिसारिया सहित अनेक महत्वपूर्ण रचनाकार भागीदारी करेंगे।
संगमन की वेब साईट है
संगमन.कॉम
संगमन को युवा संवाद परिवार की बधाइयाँ!

1 टिप्पणी:

bahadur patel ने कहा…

is aayojan ke douran jo pwa ki kavita gosthi hui usaki rapat kahin padhane ko nahin mil rahi hai. usako kahin to likhen.